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Tuesday, 24 January 2017

रोज पिएं किशमिश भीगा हुआ पानी और पाएं बीमारी और बुढ़ापे से निजात

       कई लोगों को किशमिश खाना पसंद नहीं होता लेकिन हमारी यह खबर पढ़ने के बाद आप किशमिश खाना शुरू कर देंगे।
      ड्राई फ्रूट का एक प्रकार किशमिश सेहत का खजाना है। इसमें अधिक मात्रा में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर पाया जाता है।
      किशमिश अंगूर को सुखा कर तैयार किया जाता है जिससे उसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। किशमिश का रोजाना सेवन आपको कई बीमारियों से निजात दिला सकता है। पानी में इसे भिगोकर खाने से भी आपको बेहतरीन लाभ मिलते हैं और इसके पानी का सेवन भी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
      किशमिश के पानी के लिए सबसे पहले एक पैन में किशमिश को पानी में डालकर अगर 20 मिनट तक उबालें और पानी को रातभर रखने के बाद सुबह इसका सेवन करें तो आपको कई लाभ मिलेगे। जानिए।
1) आप तो यह जानते ही होगे कि किशमिश खाने से आपकी उम्र बढ जाती है, लेकिन इसके साथ ही ये आपकी त्वचा में आई झुर्रियो को भी हटा हेती है। इसके लिए इसके पानी को रोज सुबह पीएं। जिससे आप हमेशा जवां रहें।
2) रोजाना इसके सेवन करने से आपको पाचन, मेटाल्जिम आदि के स्तर को कम रखेगा। जिससे आप हमेशा फिट रहेगे।
अगर आपको बुखार आ रहा है तो इसका सेवन करें। इसमें मौजूद फिनॉलिक पायथोन्‍यूट्रियंट जो कि जर्मीसाइडल, एंटी बॉयटिक और एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों से बुखार छूमंतर हो जाता है।
3) अगर आपको कब्ज, एसिडिटी और थकान की समस्या है तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से जल्द आपको फायदा नजर आएगा।
4) किशमिश के पानी को रोज पीने से कोलेस्ट्राल के लेवल को ठीक रखता है। जो कि अधिकतर लोगों को अनियमित रूप से खाना खाने के कारण हो जाता है। इसीलिए इसका सेवन करें। साथ ही ये शरीर के ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मदद भी करता है।
5) रोजाना इसके पानी पीने से आपका लिवर भी फिट रहता है और यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

जोड़ो के दर्द से है परेशान, तो अपनाएं ये तरीके चुटकियों में होगा ठीक....

        हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे है जो दिनभर काम करते है…जिन्हें ना तो सही खाना खाने का वक्त मिलता है…और ना ही आराम करने का…ऐसे में उनका शरीर हर वक्त थकान महसूस करने लगता है…और सर्दियों में ये परेशानी और भी बढ़ जाती है।
         सबसे ज्यादा ये परेशानी हमें बॉडी के ज्वॉइंट्स में होती है…और काम करने के लिए उनका ठीक रहना बहुत ही जरूरी है…ये ना सिर्फ हमें एक्टिव करते हैं बल्कि चलने-फिरने में मदद करते हैं. ऐसे में ज्वॉइंट्स का स्ट्रांग होना भी जरूरी है….आज हम आपकी इसी परेशानी का हल ढूंढ कर लाएं…तो चलिए बताते है कैसे आप अपने शरीर को बना सकते है स्वस्थ…..
        वेट करें कंट्रोल- मसल्स और बोन्स को स्ट्रांग करने, साथ ही जोड़ों की देखभाल के लिए बेस्ट तरीका है कि आप अपने वेट को कंट्रोल करें. एक्ट्रा वेट ज्वॉइंट्स पर प्रेशर डालता है.
एक्‍सरसाइज- एक्‍सरसाइज से एक्‍ट्रा वजन को कम करने और वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. चाहे तो स्विमिंग या साइक्लिंग भी कर सकते हैं.
         एक ही पोजीशन में देर तक ना बैठे- जो लोग अधिक समय तक कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, उनके जोड़ों में दर्द होने की आशंका अधिक रहती है. जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए अपनी स्थिति को लगातार बदलते रहिए.
      खुश होकर करें एक्‍सरसाइज- यदि व्यायाम को खुशी के साथ किया जाए तो एंडॉर्फिन नामक हॉर्मोन निकलता है, जो आपको हेल्‍दी महसूस करवाता है. एक दिन में कम से कम 20-40 मिनट तक जरूर टहलें.
          मसल्‍स को करें स्‍ट्रांग- यदि आपकी मसल्‍स कमजोर हैं, तो इससे आपके जोड़ों में खासतौर पर रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द होगा. ऐसे में मसल्‍स को स्‍ट्रांग करें.
बैठने का सही तरीका भी आपके कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों को सही रखने में मदद करता है. कंधों को झुकाकर न खड़े हों.
       हेल्‍दी फूड- हेल्‍दीफूड आपके ज्‍वॉइंट्स के लिए अच्छा है. यह मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है. हड्डियों को हेल्‍दी बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है. कैल्शियम से भरपूर फूड खाएं.

क्या आप भी जब जूते उतारते तब पैरों से आती है बदबू ? , तो ये पोस्ट आपके लिए है

         आमतौर पर सभी लोगों के साथ यह समस्या होती है, कि जब वो जूते उतारते हैं तो उनके पैरों से बदबू आने लगती है। तन से आने वाली दुर्गंध को तो हम परफ्यूम लगाकर दूर कर सकते हैं। लेकिन पैरों से आने वाली दुर्गंध को दूर करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। बाज़ार में पैरों की बदबू को दूर करने का कोई भी टिकाऊ उपाय अब तक नहीं आया है। लेकिन आज में आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रही हूं, जिसे अपनाकर आप अपने पैरों से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं।
आईये जानते हैं उन उपायों के बारे में।
यह एक आम समस्या है
पैरों से आने वाली बदबू को ब्रोमिहाइड्रोसिस के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम लंबे समय तक अपने पैरों में जूते पहने रहेंगे, तो हमारे पैरों से बदबू आना बहुत ही आम बात है, और यह समस्या सभी के साथ होती है।
बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल करें
        आप अपने जूतों और मोज़ो को साफ रखकर बड़ी आसानी से अपने पैरों से आने वाली बदबू को रोक सकते हैं।जूतों के अंदर थोड़ा सा बेंकिंग पाउडर डालें। यह आपके जूतों से बदबू को हटाने में मदद करेगा।
टी-बेग को जूतों में रखें
       अपने पैरों की बदबू को हटाने के लिए आप गर्म पानी और चाय की पत्ती के नुस्ख़े को आज़मा सकते हैं। एक टब में गर्म पानी डालें और फिर उस में चाय की पत्ती या टी-बेग डालें। लगभग आधे घंटे के लिए अपने पैरों को इस गर्म पानी में रहने दें।
सेब का सिरका भी आ सकता है आपके काम
       एक टब गर्म पानी में सेब का सिरका डालें और अपने पैरों को इस पानी में थोड़ी देर के लिए रहने दें। यह बड़ी ही आसानी से आपके पैरों की बदबू को दूर कर देगा। अगर आप चाहें तो अपनी बदबूदार जुराबों को भी इस पानी में थोड़ी देर के लिए भिगो सकते हैं।
जीवाणुरोधी साबुन से पैर धोयें
         एक दिन में दो बार अपने पैरों को जीवाणुरोधी साबुन और गर्म पानी से धोऐं। यह आपके पैरों की बदबू को दूर भगाने का काफी अच्छा तरीका है, क्योंकि यह साबुन बदबू पैदा करने वाले जीवाणुओं को पैदा होने से रोकता है।
चावल के पानी में पैर डुबोएं
        बदबू हटाने के लिए आप चावल के पानी का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए चावल को आधे घंटे तक पानी में भिगोएं और फिर इस पानी को छान लें। अब इस पानी में अपने पैरों को डूबोएं, आपके पैरों की बदबू झट से चली जायेगी।
फिटकरी का करें प्रयोग
        फिटकरी की मदद से बैक्टीरिया को आसानी से ख़त्म किया जा सकता है, क्योंकि फिटकरी में एंटी-सेप्ट‍िक गुण मौजूद होते हैं। एक कप पानी में एक चम्मच फिटकरी डालें और इससे पैरों को धोएं। कुछ दिन तक यह नुस्ख़ा आज़माएं। पैरों की बदबू आसानी से दूर होने लगेगी।
टेलकम पाउडर को जूतों में डालें
       टेलकम पाउडर का इस्तेमाल आप ज़रुर करते होंगे। अब से अपने पैरों पर भी टेलकम पाउडर का प्रयोग करें। ऐसा करने से आपके पैरों की बदबू कम होगी और आपके पैर लंबे समय तक महकेंगे। टेलकम पाउडर पसीने को आने से भी रोकता है।

खाली पेट खाएं भुना हुआ लहसुन, होंगे 5 जबरदस्त फायदे

        लहसुन का इस्तेमाल हम खाने का स्वाद बढाने में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से खाना का टेस्ट बदल जाता है। लेकिन आप जानते है कि लहसुन की एक कली हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। ये आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपके सेहत का भी ख्याल रखता है....
1 सुबह खालीपेट लहसुन को भूनकर खाने से कॉलेस्ट्रॉल कम होता है, और कॉलेस्ट्रॉल से जुड़ी सभी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय की नलियों में कॉलेस्ट्रॉल का जमाव आदि के लिए यह बेहद फायदेमंद तरीका है।
2 वजन कम करना चाहते हैं तो भी यह फायदेमंद है, क्योंकि कॉलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने के साथ-साथ आपका वजन घटने लगेगा और मोटापा गायब हो जाएगा।
3 सर्दी के दिनों में यह सर्दी, खांसी और जुकाम से बचाता है और शरीर में गर्माहट पैदा करने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह रक्तप्रवाह को भी बेहतर बनाए रखता है।
4 प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ यह ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है और अपने एंटी इंफ्लेमटरी एवं एंटी फंगल गुणों के कारण शरीर की अंदरूनी सफाई कर कई बीमारियों से बचाए रखता है।
5 इसमें मौजूद भरपूर कार्बोहाइड्रेट शरीर की कमजोरी को दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्र‍ित करने में भी मददगार है और कब्ज से भी बचाता है ।

Thursday, 12 January 2017

सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा हार्ट अटैक का खतरा, जानिए क्यों

यह ब्लॉग आपके लिए बहूत फायदेमंद है । इस ब्लॉग से आपको हररोज कूछ नया जानने को मिलेगा। यह ब्लॉग हररोज अपडेट होता है ।
        यह ब्लॉग आपके ज्ञान को बढायेगा औैर आपके लिए बहूत उपयोगी साबित होँगा ।इस ब्लॉग मे हररोज भिन्न भिन्न रोगों के घरेलू नुस्खे प्रचारित होंगे ।
        हमारे ऋषिमुनि जिस आयुर्वेद से पुराने और गंभीर रोगों का इलाज करते थे वही आयुर्वेदिक उपचार इस ब्लॉग मे प्रचारित होते है । इसके आधार से आप पुराने और गंभीर रोगों के उपचार अपने आप कर सकेंगे ।
       इस के साथ आपको कुदरती उपचार का ज्ञान भी इसी ब्लॉग से मिलँगा । एक ऐसी चिकित्सा पध्दति के बारेमें जानने को मोलेँगा जो बिलकुल मुफ्त है । जिसे चीन औैर जापान ने  आज अपनाया हुआ है ,और इसमे नयी नयी खोज भी करते है । जिसे अक्यूप्रेशर चिकित्सा कहते है । इसे अपने आप के लिए आप खुद इलाज कर पायेंगे । इस चिकित्सा मे शरीर के विभिन्न बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार किया जाता है ।
        इस ब्लॉग मे स्वदेशी उत्पादन के बारेमें भी महीती मिलती रहेंगी । स्वदेशी उत्पादन यानी हमारे विस्तार के लोँगो द्वारा उत्पादित होने वाले उत्पादन । जिस मे आप आपके जीवन की जरूरी चीजे अपने आप उत्पादित कर पायेंगे ।
      इस ब्लॉग मे हररोज नये नये किस्से और ताजा ख़बरे भी प्रचारित होते है । जिसे हम आप तक पहुंचाते रहँगे ।
तो मित्रों इस ब्लॉग हररोज देखते रहे , जो पोस्ट अच्छी लगे उसे अपने दोस्तों को फॉरवर्ड करे ।
सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा हार्ट अटैक का खतरा, जानिए क्यों
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Sunday, 8 January 2017

इस खबर काे पढ़ते ही अाप अाज से ही शुरु कर देंगे दूध में हल्दी मिलाकर पीना।

इस खबर काे पढ़ते ही अाप अाज से ही शुरु कर देंगे दूध में हल्दी मिलाकर पीना।
       आम तौर पर सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर घरेलू इलाज के रूप में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि हल्दी वाले दूध के एक नहीं अनेक फायदे हैं? आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। हल्दी व दूध दोनों ही गुणकारी हैं, लेकिन अगर इन्हें एक साथ मिलाकर लिया जाए तो इनके फायदे दोगुना हो जाते हैं। इन्हें एक साथ पीने से यह कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
- रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है।
- गठिया दूर करने में सहायक
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।
- वजन कम करने में सहायक
वजन कम करना हल्दी वाले दूध से पोषण के फैट्स को नष्ट करने में सहायता मिलती है। यह वजन को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
- सांस संबंधी बीमारियां
सांस संबंधी बीमारियां हल्दी वाला दूध प्रतिजैविक होने के कारण जीवाणु और विषाणु के संक्रमण पर हमला करता है। इससे सांस सम्बन्धी बीमारियों के उपचार में लाभ मिलता है। यह मसाला आपके शरीर में गरमाहट लाता है और फेफड़े व साइनस में जकड़न से तुरंत राहत मिलती है।
- कैंसर
कैंसर जलन और सूजन कम करने वाले गुणों के कारण यह स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रॉस्ट्रेट और बड़ी आंत के कैन्सर को रोकता है। यह कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।
- नींद न आना
हल्दी वाला गर्म दूध ट्रिप्टोफैन नामक अमीनोअम्ल बनाता है जो शान्तिपूर्वक और गहरी नींद में सहायक होता है।
- सर्दी और खांसी
सर्दी और खांसी अपने प्रतिजीवाणु और प्रतिविषाणु गुणों के कारण हल्दी वाले दूध को सर्दी और खांसी का बेस्ट उपचार माना जाता है।

इन 4 तरीकों से आप घर बैठे और कसरत किये बिना अपना वजन कम कर सकते है !

इन 4 तरीकों से आप घर बैठे और कसरत किये बिना अपना वजन कम कर सकते है !
कसरत किये बिना वजन कम – आजकल हर कोई हल्‍थ कान्‍शियस हो गया है और होना भी चाहिए ।
      आज की भागदौड़ भरी में फिट रहना समय की जरूरत है। समस्या ये भी है कि हमारे पास हर चीज का समय पर जिम जाने का नहीं।
तो आइए आपकी इस समस्या का सामाधान हम करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे अचूक तरीके बताएंगे जिससे आप घर बैठे कसरत किये बिना वजन कम कर सकते हैं।
कसरत किये बिना वजन कम –
1- कसरत नहीं डांस कीजिये
घर पर जिम की तरह उपकरण तो रख नहीं सकते.
      इस कारण घर पर रोज कम से कम आधे घंटे का डांस जरूर करिए। इसके लिए आपको सिर्फ इंटरनेट पर उन गानों की वीडियो चलानी होगी जिसे आप पसंद करते हैं। उसे देखते हुए कदमताल मिलाकर आप न सिर्फ अपना वजन कम करने की ओर पहला कदम बढ़ाएं बल्कि ऐसा करने से आपका मन प्रसन्न और दिमाग भी शांत रहेगा। आजकल डांस वर्कआउट फॉर होम के नाम से काफी वीडियोज इंटरनेट पर छाए हुए हैं. आप अपनी सुविधा अनुसार उनका चयन कर उसे फॉलो करें और महीने भर में कई किलो तक वजन कम करें।
2- इस तरह कम होगी पेट की चरबी
लोग खाना खाने के दौरान और खाने के तुरंत बाद पानी पीने लगते हैं, ऐसा बिल्कुल न करें।
यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको कब्ज की शिकायत से दोचार होना पड़ सकता है। कुछ समय बाद आपकी सेहत भी खराब हो सकती है। इसलिए पानी हमेशा खाना खाने के आधे घंटे बाद पिए। इससे खाना पचने में आसानी रहती है और स्वास्‍थ्य दुरुस्त रहता है। नियमित रूप से अपनी आदत में गर्म पानी का सेवन शामिल करिए। ऐसा करने से भी आपको अपने वजन खासतौर पर पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलेगी।
3- ग्रीन टी और गर्म पानी का जादू
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स न सिर्फ हमारी सेहत दुरुस्त करते हैं बल्कि हमारा वजन कंट्रोल करने में मदद भी करते हैं।
ग्रीन टी को खाली पेट न पिएं। बल्कि सुबह करीब 10 बजे के आसपास शहद के साथ लें। इससे आपको यदि एसीडिटि है तो वो समस्या भी नहीं होगी और ग्रीन टी का पूरा फायदा भी मिलेगा। शाम की चाय के समय भी ग्रीन टी ली जा सकती है। बहुत ज्यादा ग्रीन टी का सेवन न करें। दिन में दो बार ग्रीन टी लेना उतम रहेगा । इसके साथ ही यदि आप गर्म पानी का सेवन भी शुरू कर दें तो काफी तेजी से वजन कम करने में मदद मिलेगी। डॉक्टरों का कहना है कि ठंडे पानी की अपेक्षा गर्म पानी से पेट ठीक भी रहता है और वजन भी कम करने में सहायता मिलती है।
4- तीन के बजाए दिन भर में पांच बार खाएं
चौंकिए नहीं हम आपको अपनी डाइट बढ़ाने के लिए नहीं कह करे बल्कि एक साथ तीन बार खाने के बजाए दिनभर में तीन बार खाने के को ही पांच भाग में विभाजित करें।
      थोड़ा थोड़ा पर कई बार में और पौष्टिक खाना खाएं। अपने खाने में दही, फल, जूस, सलाद हर हाल में शामिल करें। भूख लगने पर फ्रूट चाट भी खाई जा सकती है। इसी तरह खाने के बाद छाछ पिया जा सकता है। शाम के समय स्नैक्स के तौर पर पोहा, चने, स्प्राउट्स लिए जा सकते हैं।
    इस तरह आप कसरत किये बिना वजन कम कर सकते है – इन नुस्‍खों को अपनाइए और फिर देखिए किस तरह आपके हस्बैंड, बॉयफ्रेंड या तक कि बेस्ट फ्रेंड भी आपकी फिजीक देखकर आश्चर्यचकित रह जाएंगे। घर पर भी आसानी से वजन कम किया जा सकता है। बस खुद के लिए थोड़ा सा समय निकालिए और दृढ़ विश्वास के साथ ऊपर लिखे फॉर्मूलों को फौलो करिए और महीने भर में मनचाहा फिजीक पाइए।

Wednesday, 4 January 2017

इसका सेवन करने भर से होंगी, सारी बड़ी बीमारियां दूर

ऐसी क्या खासियत है, जो शरीर की हर बीमारियों में रामबाण का काम करती है|
1 – गोमूत्र में पानी के अलावा 18 सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद है, जो हर तरह की बीमारियों में रामबाण का काम करता है|
2 – गोमूत्र एक ऐसी चीज है जो वात, पित और कफ को सम में ला देता है|
3 – गोमुत्र में सबसे ज्यादा पानी है|लेकिन पानी के अलावा इसमें कैल्शियम, सल्फर, आयरन, सिलिकॉन, बोरॉन, मैग्नेशियम इत्यादि जैसे कुल 18 पोषक तत्व मौजूद हैं, जो शरीर के लिए बहुत हीं ज्यादा उपयोगी है|
4 – गोमूत्र के अलावा यह 18 पोषक तत्व अगर किसी चीज में पाई जाती है, तो वो है खेतों की मिट्टी| और दूसरी है गोमुत्र|इसलिए ये गोमूत्र चमत्कारिक औषधि है|
5 – शरीर की बीमारियों को खत्म करने के लिए जितने भी घटक की आवश्यकता होती है, वो सब के सब गोमुत्र में मौजूद हैं|
6 – एक उदाहरण के तौर पर हम आपको बता रहे हैं, कि जैसे त्वचा के रोग में भी गोमुत्र उपयोगी है| दोस्तों त्वचा का कोई भी रोग सल्फर की कमी के कारण होता है| और गाय के मूत्र में सल्फर भरपूर मात्रा में पाया जाता है|इसलिए गोमूत्र के लगातार सेवन से त्वचा के रोग जल्दी हीं ठीक हो जाते हैं|गौर करने वाली बात है कि त्वचा से संबंधित जितने भी रोग हैं वो सब के सब गोमुत्र के सेवन से जल्द ठीक हो जाते हैं|
7 – जोड़ों के दर्द में भी है लाभदायक|किसी भी तरह का जोड़ों का दर्द हो| गौमूत्र के सेवन से ठीक हो जाता है|
8 – कफ वालों के लिए रामबाण है गोमूत्र| कफ से संबंधित जितनी भी बीमारियां हो, वो सब के सब गोमूत्र के सेवन से जड़ से ठीक हो जाते हैं| और दुबारा नहीं होते|
9 – गौमूत्र हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है| जिसकी वजह से कोई भी बीमारी वापस नहीं होती|
10 – आधुनिक विज्ञान के अनुसार शरीर में करक्यूमिन नामक केमिकल की कमी के कारण कैंसर रोग पैदा होता है| इस केमिकल की कमी की वजह से कोशिकाएं अनकंट्रोल हो जाती है| और ये कोशिकाएं एक दूसरे के साथ मिलकर ट्यूमर जैसा बना लेती है| जिसे कैंसर कहा जाता है|
गौमूत्र में भरपूर मात्रा में करक्यूमिन नामक केमिकल होते हैं, जो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लोगों को निजात दिलाने में असरदार है|

Saturday, 31 December 2016

सर्दियों में मूंगफली खाने के है बड़े फायदे

      सर्दियों में मूंगफली खाना सभी पसंद करते है। इससे टाइम भी पास होता रहता है। मूंगफली स्वाद में जितनी अच्छी है सेहत के लिए भी उतनी ही फायदेमंद है। जी हां, मूंगफली खाने से बहुत से लाभ मिलते है।
मूंगफली खाने से मिलते है ये स्वास्थ्य लाभ:-
- मूंगफली में कैलोरी की मात्रा कम होती है। इसका सेवन करने से मोटापा नहीं बढ़ता है साथ ही भूख भी मिट जाती है।
- इसके सेेवन से शरीर का कॉलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल रहता है। मूंगफली में मौजूद मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड ह्रदय संबंधी रोगों को खत्म करने का काम करता है।
- मूंगफली एंटी-ऑक्सीडेंट और ट्रिप्टोफेन गुण काफी मात्रा में मौजूद होते है, जो तनाव की समस्या को दूर करते है। इसलिए रोजाना मूंगफली का सेवन करें।
- गर्भवती महिला के लिए मूंगफली काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद फॉलिक एसिड शिशु में होने वाले न्यूरल ट्यूब डीफेक्ट का खतरा कम करता है।
- इतना ही नहीं, मूंगफली के सेवन से त्वचा में ग्लो आता है। इसमें मिले मोनो-सैचुरेटेड एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण स्किन को नमी देते है। साथ ही त्वचा निखरती है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए मूंगफली काफी फायदेमंद है। इसमें मौजूद मैग्नेशियम रक्त में शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।
- मूंगफली में विटामिन ए भरपूर मात्रा होती है, जिससे बाल लंबे और घने होते है। इसलिए रोजाना मूंगफली का सेवन करें।
- मूंगफली से मिलने वाले प्रोटीन शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण करते है और हड्डियों को मजबूत बनाते है।

Friday, 30 December 2016

रोने के ये 5 फायदे जानकार आप रोना मत शुरू कर दीजियेगा !

         दोस्तों आपको जानकर आश्चर्य होगा कि रोना हमारे लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि हंसना.
        जी हां दोस्तों आज मैं आप को रोने के फायदे बताने जा रहा हूं, जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे
      अगर आप भी उनमें से हैं जो अपने दर्द को छुपाते हैं तो अपनी आदतों को बदल डालिए और जब मन करे तो दिल खोल कर रो लीजिए. इससे आपका मन हल्का हो जाएगा और आप अपने आपको काफी फ्रेश महसूस करेंगे.
आइए दोस्तों एक-एक कर मैं आपको रोने के फायदे बताने जा रहा हूं
रोने के फायदे –
1 – डिप्रेशन से बाहर निकालने में मददगार
कोई भी इंसान डिप्रेशन में तब चला जाता है जब वह अंदर ही अंदर घुटता रहता है. उसके दिल में किसी तरह का दर्द, किसी तरह की तकलीफ इत्यादि दबी हो. और वो उसे बाहर ना निकाल पाता हो. ऐसे में कोई भी इंसान धीरे – धीरे कर डिप्रेशन में चलता चला जाता है. लेकिन अगर वो इंसान दिल खोलकर किसी के पास रो लेता है, या नहीं तो अकेले में भी रो ले, तो उसका मन काफी हद तक हल्का हो जाता है. और ऐसे में उसे डिप्रेशन से बाहर निकलने में काफी मदद मिल जाती है.
2 –आंखों की रोशनी बनाए रखने में मददगार
आंखों में मेंब्रेन के सूखने की वजह से आंखों की रोशनी कम होने लगती है. लेकिन आपके आंसू अगर निकलते रहें तो इसे सूखने नहीं देते हैं. और आंखों की रोशनी बनी रहती हैं. इसलिए आंखों से आंसू का निकलना आपकी आंखों की रोशनी के लिए काफी फायदेमंद है.
3 –बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार
हमारे आंसुओं में लोसोजोम नाम का एक तत्व पाया जाता है. जो बाहरी बैक्टीरिया को खत्म करने में 90 फ़ीसदी तक सफल है.
4 – तनाव मुक्त करने में मददगार
हम जब भी तनाव में होते हैं, और रोते हैं, तो आसुओं के साथ एड्रेनोकार्टिकोट्रोपिक और ल्यूसिन जैसे हार्मोन निकलते हैं. जिससे हमें तनाव से मुक्ति पाने में मदद मिलती है.
5 – दिल दिमाग और लिंबिक सिस्टम को ठीक रखने में मददगार
रोने के कारण हमारा मन हल्का होता है जिससे दिमाग लिंबिक सिस्टम और दिल स्वस्थ बना रहता है.
ये है रोने के फायदे – आपको एक उदाहरण के तौर पर मैं बताना चाहूंगा कि आप ध्यान दें तो पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में हार्ट की समस्या कम होती है. इसके पीछे मेरे ख्याल से सबसे बड़ी वजह है रोना. गौर करने वाली बात है कि महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा खुल कर रो लेती है. जिससे उनका मन हल्का हो जाता है. जबकि वहीं पुरुष अपने दर्द को दबा कर रखते हैं. जल्दी रो नहीं पाते. कहीं ना कहीं उनमें हर्ट की समस्या बढ़ने का ये भी एक बड़ा कारण हो सकता है.
इसलिए मेरा तो हर किसी से यही सजेशन होगा, कि जब भी दिल करे खुल कर रो लेना चाहिए.

Thursday, 29 December 2016

जवान दिखते रहना चाहते हैं तो ऐलोवेरा का करें सेवन

जवान दिखते रहना चाहते हैं तो ऐलोवेरा का करें सेवन
      आमतौर पर लोग अपने घरों में ऐलोवेरा का पौधा लगाना पसंद करते हैं लेकिन इसके सेहत संबंधी गुणों के बारे में पता नहीं होने के कारण इस पौधे का उस तरह प्रयोग नहीं हो पाता जैसे होना चाहिए। यह एक ऐसा पौधा है जिसे उगने के लिए ज्यादा धूप या पानी की आवश्यकता नहीं होती। यह पौधा ही आपकी कई स्किन और सेहत संबंधी परेशानियों को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। ऐलोवेरा पौधे में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी पत्तियां होती हैं जिसमें जेल जैसी चीज़ पाई जाती है जिसका प्रयोग उसी रूप में या फिर जूस बनाकर किया जाता है। अगर आप अपनी ब्यूटी को और निखारना चाहते हैं तो ऐलोवेरा जैल से आप अपनी स्किन को सिर से लेकर पैर तक निखार सकते हैं और ये जैल हर तरह की स्किन टाईप के लिए फायदेमंद माना गया है।
चलिए आज़ आपको बताते हैं इससे होने वाले फायदों के बारे में-
        शरीर के सही विकास के लिए इक्कीस अमिनो एसिड की जरूरत होती है जिसमें से अठारह ऐलोवेरा में पाये जाते हैं। साथ ही अन्य पोषक तत्व जैसे कि आयरन, मैगनीज़, कैल्सियम और सोडियम भी इसमें हैं। संभव हो तो प्रतिदिन ऐलोवेरा जूस का सेवन करना चाहिए। अगर आप गैस की समस्या से परेशान हैं तो ऐलोवेरा जूस में नींबू का रस लेने ये बंद हो जाएगी और साथ ही आपकी पाचन शक्ति भी अच्छी होता जाएगी। कब्ज़ की समस्या में खासकर ऐलोवेरा जूस से बहुत राहत मिलती है।
      आजकल प्रदूषण बहुत बढ़ रहा है ऐसे में बच्चा हो या बड़ा, सबकी ही रोग प्रतिरोधक क्षमता जिसे कि हम इम्यूनीटी कहते हैं, कम होती जा रही है। ऐसे में ऐलोवेरा जूस आपके शरीर को एक्टिव बनाये रखता है और सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों से बचाये रखता है। ये हमारे दिल का ख्याल रखते हुए कोलेस्ट्राल को बढ़ने से रोकता है। आर्थराइटिस या गठिया में होने वाले जोड़ों के दर्द को कम करने में भी ऐलोवेरा सहायक हो सकता है इसके लिए आप चाहें तो ऐलोवेरा की पत्तियों पर हल्दी लगाकर सीधे ही दर्द वाली जगह पर लगा सकते हैं या फिर चाहें तो रोज़ ऐलोवेरा जूस का सेवन भी कर सकते हैं। दोनों तरह से ही ये जोड़ों के दर्द को कम करता है। अगर कोई जख्म हो गया हो या कहीं कट छिल गया हो ऐलोवेरा जैल लगाने से वह जल्दी ही सही हो जाता है तथा घाव भी भर जाता है।
        फोड़े फुंसी होने पर ऐलोवेरा जैल में हल्दी मिलाकर लगा लें फिर पट्टी कर लें। थोड़ी देर में अपने आप ही मवाद भी निकाल जाएगा और कोई निशान भी नहीं रहेगा। जो लोग डायबिटीज़ की समस्या से पीड़ित हैं या फिर जिनकी अभी पहली ही स्टेज़ ही उन्हें ऐलोवेरा जूस में करेला का रस मिलाकर पीना चाहिए। ऐलो वेरा का जैल हमारी स्किन के लिए के एंटी एजिंग जैल की तरह काम करता है और रिंकल एवम फाईन लाइनों को कम करता है लेकिन शुरू से ही से इस जैल को लगाने की आदत डाली जाए तो ज्यादा समय के लिए आप जवान दिख सकते हैं। बालों के लिए भी ऐलोवेरा का जैल काफी फायदेमंद रहता है जोकि बालों के लिए एक नेचुरल कंडीशनर का काम करता है।
      बालों की जड़ों में ये जैल लगाने से बाल मज़बूत होते हैं और अगर बालों में रूसी हो गई है तो उससे भी छुटकारा मिलता है। यह जैल धूप से होने वाले सनर्बन से बचाता है और सनस्क्रीन की तरह काम करता है आप चाहें तो धूप में निकलने से पहले इस जैल को अपने शरीर पर लगा सकते हैं। ऐलोवेरा जूस खून को साफ करता है और हीमोग्लबिन की कमी को पूरा करता है। ड्राई स्किन के लिए ये जैल मॉशचराइज़र का काम करता है। अगर चेहरे पर मुहांसा हो गया हो तो भी ये जैल लगाकर उसे दूर किया जा सकता है। हमारी कोहनियों और घुटनों पर गंदगी जमा होने के कारण ये हिस्से काले नज़र आते हैं लेकिन ऐलोवेरा जैल में नारियल का तेल मिलाकर लगाने से धीरे धीरे ये कालापन दूर होता जाता है। चेहरे पर इंस्टेट ग्लो लाने के लिए ऐलोवेरा जैल में नींबू का रस 15 मिनट लगाए रखें और फिर धो दें रोज़ ऐसा करने से आप खुद ही फर्क देखना शुरू कर देंगे। त्वचा संबंधी रोगों को ठीक करने में भी ये जैल मदद करता है।

Wednesday, 28 December 2016

जिन्हें नींद नहीं आती, उनके लिए हैं ये 30 Second में नींद आने का तरीका

       क्या आपको उन लोगों से जलन महसूस होती है, जो बिस्तर पर लेटते ही सो जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी सरल तकनीक बताएंगे जिससे आप लेटते ही सो जायेंगे
      जी हाँ, यह सच है। यदि आप जल्दी सोने की यह तकनीक जानना चाहते हैं तो इस लेख को पढ़ें। इस लेख में ऐसी तकनीक बताई गयी है जिससे आप 30 सेकण्ड में ही सो जायेंगे। इस तरीके से आप ऐसी रातों से बच जायेंगे जब आपको नींद नहीं आती। अपने जीवन में आपने अनेक ऐसी रातें बिताई होंगी।
इस प्रक्रिया को आप अपने आराम के अनुसार कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी उपकरण की भी आवश्यकता नहीं है।
प्रक्रिया
– सबसे पहले Woosh आवाज़ करते हुए मुंह से सांस छोड़ें।
– मुंह बंद करके नाक से धीरे धीरे सांस लें।
– अपनी साँसों को सात गिनने तक रोकें।
– अब आठ गिनने तक मुंह से सांस छोड़ते रहें।
– फिर से सांस लें।
– कुल चार सांसों के लिए इसको तीन बार दोहरायें।
यह करते हुए आपको सिर्फ इतना ध्यान रखना है कि अनुपात सही हो और गहरी साँसे लें और छोड़ें। इस कसरत से हृदय की धड़कन की दर कम होती है और दिमाग भी शांत होता है। इससे आप 30 सेकण्ड में ही शांत सो जाते हैं। यह जल्दी से नींद लाने की सबसे उत्तम तकनीक है।

Saturday, 17 December 2016

शरीर में तेजी से खून बढ़ाने के घरेलु उपाय

शरीर में तेजी से खून बढ़ाने के घरेलु उपाय
       शरीर में तेजी से खून बढ़ाने के घरेलु उपाय
शरीर में तेजी से खून बढ़ाने के घरेलु उपाय।
शरीर में खून की कमी से बहुत बीमारियां लग सकती हैं। जिस वजह से इंसान कमजोर हो जाता है और उसका शरीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता है। इसलिए महिलाओं और पुरूषों को शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के लिए इन आयुवेर्दिक उपायों को अपनाना चाहिए।
1. तिल और शहद:-
दो घंटे के लिए 2 चम्मच तिलों को पानी में भिगों लें और बाद में पानी से छानकर इसका पेस्ट बना लें। अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और दिन में दो बार सेवन करें।
2. काफी और चाय खतरनाक:-
काफी और चाय का सेवन कम कर दें। एैसा इसलिए क्योंकि ये चीजें शरीर को आयरन लेने से रोकते हैं।
3.ठंडा स्नान:-
दो बार दिन में ठंडे पानी से नहाए और सुबह नहाने के बाद सूरज की रोशनी में बैठें।
4. अंकुरित भोजन :-
आप अपने भोजन में गेहूं, मोठ, मूंग और चने को अंकुरित करके उसमें नींबू मिलाकर सुबह का नाश्ता लें।
5. आम :-
पके आम के गुदे को मीठे दूध के साथ सेवन करें। एैसा करने से खून तेजी से बढ़ता है।
6. मूंगफली और गुड़ :-
शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए मूंगफली के दानों को गुड़ के साथ चबा-चबा कर सेवन करें।
7. सिंघाड़ा :-
सिंघाड़ा शरीर में खून और ताकत दोनो को बढ़ाता है। कच्चे सिंघाड़े को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है।
8. मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर :-
मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर का नियमित सेवन करें और रात को सोने से पहले दूध में खजूर डालकर उसको पीएं।
9. फलो का सेवन:-
अनार, अमरूद, पपीता, चीकू, सेब और नींबू आदि फलो का अधिक से अधिक सेवन करें।
10. आंवले और जामुन का रस:-
आंवले का रस और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
11. टमाटर का रस:-
एक गिलास टमाटर का रस रोज पीने से भी खून की कमी दूर होती है। इसलिए टमाटर का सूप भी बनाकर आप ले सकते हो।
12. हरी सब्जिया:-
बथुआ, मटर, सरसों, पालक, हरा धनिया और पुदीना को अपने भोजन में जरूर शामिल करें।
13. फालसा:-
फालसे का शर्बत या फालसे का सेवन सुबह शाम करने से शरीर में खून की मात्रा जल्दी बढ़ती है।
14. लहसुन:-
शरीर में खून को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से लहसुन और नमक की चटनी का सेवन करे। यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है।
15. सेब का जूस:-
सेब का जूस रोज पीएं। चुकंदर के एक गिलास रस में अपने स्वाद के अनुसार शहद मिलाकर इसे रोज पीएं। इस जूस में लौह तत्व ज्यादा होता है।

Tuesday, 13 December 2016

कब्ज का एकदम सरल अचूक उपचार ! एक बार जरूर ।

कब्ज का एकदम सरल अचूक उपचार ! एक बार जरूर । 
        कब्ज होने की असली जड़ है भोजन का न पचना। कब्ज के रोग से अनेक बीमारी और हो जाती ह
कब्ज के कारण बीमारीया:-
अफारा, गेस, सर दर्द, हाथ पैरो में दर्द और बवासीर आदि।
इसका उपचार बहुत ही आसान है।।
1.एक कप पानी में एक निम्बू निचोड़ दे,5 दाने काली मिर्च का चूर्ण बनाकर दाल देर आधा चम्मच सेंधा नमक मिला दे।सवेरे ख़ाली पेट एक हफ्ते सेवन कीजिए ।पुराना से पुराना कब्ज दूर हो जायेगा।
2. अगर कब्ज की अधिकता के कारण बुखार में दस्त कराना हो तो
10 ग्राम अरंडी का तेल को 250 ग्राम गर्म दूध में मिलाकर दे।आजमाया हुआ ह।
3.साधारण कब्ज में 10 से 12 मुनक्का के बीज निकालकर,दूध में उबाल कर खाये ओर ऊपर से वही दूध पीना ह।सवेरे खुलकर सोच आएगा।कब्ज की अधिक शिकायत होने पे तीन दिन ले।
4. सवेरे संतरे का रस 7 से 8 दिन पियो कब्ज की परेशानी दूर हो जायेगी।
5,, दस ग्राम इसबगोल की भूसी को 150 ग्राम दंही में डालकर सवेरे शाम खाओ।

Monday, 12 December 2016

सफेद दाग का आयुर्वेदिक इलाज

सफेद दाग का आयुर्वेदिक इलाज 
         सफेद दाग को लोगों ने कुष्ट रोग का नाम दिया है, ऐसे नामों से प्रायः लोग घबरा जाते हैं मगर सफेद दाग छूत की बीमारी नहीं है।
       संक्रामक रोग नहीं है। केवल त्वचा का रंग बदल जाता है किसी कारण से। अगर सही समय पर इसका इलाज किया जायें, तो समय जरूर लगेगा परंतु यह ठीक हो सकता है। इसके इलाज के लिये धैर्य की जरूरत होती है। इलाज करते-करते इन दागों के बीच में काले काले धब्बे पड़ते है। इसके लिये घबराइये नहीं। काले निशान फैलते जानने का संकेत सफेद दाग के ठीक होने का है। धीरे-धीरे काले निशान फैलते जायेंगे और सफेदी खत्म होती जायेगी। त्वचा का रंग सामान्य होता जाएगा। सफेद दाग त्वचा पर क्यों होते हैं इसका कोई विशेष कारण साफ-साफ पता नहीं चला है। मगर फिर भी कुछ कारण ऐसे है जिनकी वजह से सफेद दाग होते हैं व तेजी से फैलते भी हैं ।
आयुर्वेदिक उपचार :-
1. विरोधी भोजन लेने से तेजी से फैलते हैं ,दूध व मछली साथ-साथ न लें।
2. शरीर का विषैला तत्व बाहर निकलने से न रोकें जैसे- मल, मूत्र, पसीने पर रोक न लगायें।
3. मिठाई, रबडी, दूध व दही का एक साथ सेवन न करें।
4. गरिष्ठ भोजन न करें जैसे उडद की दाल, मांस व मछली।
5. भोजन में खटाई, तेल मिर्च,गुड का सेवन नकरें।
6. अधिक नमक का प्रयोग न करें।
7. ये रोग कई बार वंशानुगत भी होता है।
8. रोज बथुआ की सब्जी खायें, बथुआ उबाल कर उसके पानी से सफेद दाग को धोयें कच्चे बथुआ का रस दो कप निकाल कर आधा कप तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकायें जब सिर्फ तेल रह जाये तब उतार कर शीशी में भर लें। इसे लगातार लगाते रहें । ठीक होगा धैर्य की जरूरत है।
9.अखरोट खूब खायें। इसके खाने से शरीर के विषैले तत्वों का नाश होता है। अखरोट का पेड़ अपने आसपास की जमीन को काली कर देती है ये तो त्वचा है। अखरोट खाते रहिये लाभ होगा।
10.रिजका सौ ग्राम, रिजका सौ ग्रा ककडी का रस मिलाकर पियें दाग ठीक होगा।
11. लहसुन के रस में हरड घिसकर लेप करें तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से दाग मिट जाता है।
12.छाछ रोजना दो बार पियें सफेद दाग ठीक हो सकता है।
13. लहसुन के रस में हरड को घिसकर कर लेप करें साथ साथ सेवन भी करें।
14. पानी में भीगी हुई उडद की दाल पीसकर सफेद दाग पर चार माह तक लगाने से दाद ठीक हो जायेगा।
15. हल्दी एक औषधि है। इससे त्वचा रोग में फायदा होता है। सौ ग्राम हल्दी, चार सौ ग्राम स्पिरिट (स्प्रिट) लेकर मिलायें और खाली शीशी में भर कर रख दें धूप में दिन में कम से कम तीन बार हिलायें जोर-जोर से। ये टिंचर का का करेगा दिन में तीन बार शरीर पर लगायें। हल्दी गर्म दूध में डालकर पियें छः महीने कम से कम।
16. तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर कूटपीस लें रस निकाल लें। आधा लीटर पानी आधा किलो सरसों का तेल डाल कर पकायें हल्की आंच पर सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। ये तेल बन गया अब इसे सफेद दाग पर लगायें।
17. नीम की पत्ती, फूल, निंबोली, सुखाकर पीस लें प्रतिदिन फंकी लें। सफेद दाग के लिये नीम एक वरदान है। कुष्ठ जैसे रोग का इलाज नीम से सर्व सुलभ है। कोई बी सफेद दाग वाला व्यक्ति नीम तले जितना रहेगा उतना ही फायदा होगा नीम खायें, नीम लगायें ,नीम के नीचे सोये ,नीम को बिछाकर सोयें, पत्ते सूखने पर बदल दें। पत्ते,फल निम्बोली,छाल किसी का भी रस लगायें वएक च. पियेंभी।जरूर फायदा होगा कारण नीम खु में एक एंटीबायोटिक है।ये अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखता है। इसकी पत्तियों को जलाकर पीस कर उसकी राख इसी नीम के तेल में मिलाकर घाव पर लेप करते रहें। नीम की पत्ती, निम्बोली ,फूल पीसकर चालीस दिन तततक शरबत पियें तो सफेद दाग से मुक्ति मिल जायेगी। नीम की गोंद को नीम के ही रस में पीस कर मिलाकर पियें तो गलने वाला कुष्ठ रोग भी ठीक हो सकता है।

पेट कम करने के लिए आयुर्वेदिक आहर

पेट कम करने के लिए आयुर्वेदिक आहर 
      गलत ढंग से आहार-विहार यानी खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोटी हो जाती है और कूल्हे भारी हो जाते हैं। इसी अनुपात से हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है। जबड़ों के नीचे गरदन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण हैं।
       मोटापे से जहाँ शरीर भद्दा और बेडौल दिखाई देता है, वहीं स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ व्याधियाँ पैदा हो जाती हैं, लिहाजा मोटापा किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता। बहुत कम स्त्रियाँ मोटापे का शिकार होने से बच पाती हैं। हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयाँ, तले पदार्थों का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है।
      भोजन के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता, बल्कि मोटापा हो भी तो कम हो जाता है।
     आहार भूख से थोडा कम ही लेना चाहिए। इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गैस नहीं बने इसका खयाल रखना चाहिए। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है। दोनो समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।
      भोजन में शाक-सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक-सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए।
     सप्ताह में एक दिन उपवास या एक बार भोजन करने के नियम का पालन करना चाहिए। उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए।
     पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए। इस हेतु एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा।
    सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें। दोनों में से जो उपाय करने की सुविधा हो सो करें।
        भुजंगासन, शलभासन, उत्तानपादासन, सर्वागासऩ, हलासन, सूर्य नमस्कार। इनमें शुरू के पाँच आसनों में 2-2 मिनट और सूर्य नमस्कार पाँच बार करें तो पाँच मिनट यानी कुल 15 मिनट लगेंगे। इन आसनों की विधि वेबदुनिया के योग चैनल से प्राप्त की जा सकती है।
      भोजन में गेहूँ के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएँ। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।
      प्रातः एक गिलास ठण्डे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है। दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।

सर्द मौसम के 10 रोग 10 उपचार

सर्द मौसम के 10 रोग 10 उपचार 
      ठंड के मौसम में अक्सर जो रोग होते हैं, उनसे हम छुटकारा पा सकते हैं। बशर्ते यह उपाय आजमाएं।
1. पाचन दोष के रोगियों को ठंड से कब्ज बढ़ जाने का खतरा रहता है। उन्हें ठंड में पानी खूब पीना चाहिए।
2. सर्दी में सिर दर्द की शिकायत रहती है, दूध में जायफल घिसकर माथे पर लेप करें, आराम मिलेगा।
3. सर्दी में अक्सर होंठ फटते हैं। कोकम का तेल लगाने से आराम मिलेगा।
4. बिवाइयां फट जाने पर प्याज का पेस्ट लगाने से आराम मिलेगा।
5. सर्दियों में प्रायः छाती में बलगम जमा हो जाता है, अंजीर का सेवन करने से बलगम निकलेगा तथा खांसी में राहत मिलेगी।
6. भोजन के पश्चात जीरा पावडर खाएं पाचन क्रिया ठीक रहेगी।
7. आजवाइन के चूर्ण का आधा चम्मच दिन में तीन बार खाने से ठंड से आया बुखार उतर जाता है।
8. सर्दियों में खांसी, बुखार, जुकाम में पुदीने के पत्तों की चाय, शकर या नमक मिलाकर पीने से लाभ होता है।
9. कफ जमा हो जाने से व दमा बढ़ने पर आजवायन छोटी पीपर, पोस्त दाना का काढ़ा बनाकर पीने से शीघ्र आराम मिलता है।
10. ठंड के मौसम में अक्सर जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है, धतुरे के पत्तों पर तेल लगाकर गर्म करके दर्द वाले स्थान पर बाँध देने से आराम मिलता है।
11. सर्दियों में सरसों के तेल में 3-4 लहसुन की कली डालकर पका लें और ठंडा होने पर इसमें मालिश करें तो बदन दर्द में आराम मिलता है।

Sunday, 11 December 2016

गुड से करे बीमारियों को दूर

गुड से करे बीमारियों को दूर 
      आमतौर पर यही समझा जाता है कि गुड़ से भोजन की मिठास बढ़ाई जाती है, लेकिन कम ही लोग ऐसे हैं जो यह जानते हैं कि गुड़ से जुड़ी कई प्राचीन परंपराएं और उपाय भी हैं। गुड़ केवल एक सामान्य सी चीज नहीं है, इससे चमत्कारी लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
        गुड़ सभी लोगों के घर में आसानी मिल जाता है। इसकी तासीर काफी गर्म होती है। इसी वजह से गर्भवती स्त्री को गुड़ से परहेज करना चाहिए।
ये है प्राचीन परंपरा
     पुरानी परंपराओं में से एक परंपरा है घर से निकलने से पहले गुड़ खाना। अक्सर घर के वृद्धजन किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने से पहले गुड़ खाने की सलाह देते हैं। इस परंपरा के पीछे कई चमत्कारी लाभ छिपे हुए हैं।
     इस परंपरा को अच्छा शकुन भी माना जाता है। इससे हमारी वाणी भी गुड़ की तरह ही मीठी हो जाती है।
      घर से निकलते वक्त गुड़ खाने से हमारी सोच सकारात्मक होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है, क्योंकि गुड़ की मिठास से मन शांत होता है। शांत मन से हम किसी भी कार्य को ठीक से कर पाते हैं और सफलता प्राप्त होती है।
      हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय है बंदरों को गुड़-चना खिलाना। हर शनिवार को यदि भक्त बंदरों को गुड़-चना खिलाता है तो उसके ज्योतिषीय दोष दूर हो जाते हैं। रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं और भाग्य साथ देने लगता है। बंदरों को गुड़-चना खिलाने से हनुमानजी प्रसन्न होते हैं क्योंकि स्वयं बजरंग बली को वानर रूप में ही पूजा जाता है।
मीठा खाने से बढ़ता है रक्त संचार
      इसके साथ ही वैज्ञानिक मान्यता है कि मीठा खाने से रक्त संचार बढ़ जाता है। एनर्जी मिलती है। इसलिए घर से निकलने से पहले से थोड़ा गुड़ जरूर खाना चाहिए। जिससे दिनभर के कार्यों के लिए एनर्जी बनी रहे। कार्य स्थल पर तनाव महसूस न हो।
ज्योतिष में गुड़ का महत्व
     ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली में सूर्य ग्रह अधिक मजबूत स्थिति में न होने पर या अशुभ स्थिति में होने पर नकारात्मक विचार अधिक आते हैं। माना जाता है कि गुड़ खाने से सूर्य ग्रह के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं। गुड़ का दान करने से भी सूर्य के दोष दूर होते हैं और मान-सम्मान में बढ़ोतरी होती है।
गुड़ है एक औषधि भी
     गुड़ खाने के कई आयुर्वेदिक लाभ भी प्राप्त होते हैं। गुड़ को एक औषधि माना गया है। ठंड के दिनों में गुड़ और तिल के लड्डू हमारे शरीर को विशेष लाभ पहुंचाते हैं। कफ, सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों में भी गुड़ लाभदायक रहता है।
      गुड़ को शकर से अधिक पौष्टिक माना जाता है क्योंकि इसे बनाने में किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। गुड़ खाने से गले एवं फेफड़ों से संबंधित कई रोगों में लाभ पहुंचता है।

15 आसन हेल्थ टिप्स

15 आसन हेल्थ टिप्स
         इन दिनों लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि दिनों दिन वे नई-नई परेशानियों और बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। चाहे खान-पान हो या आरामदायक जीवनशैली। और तो और शहरी वातावरण भी उन्हें इस तरह की दिनचर्या बनाने में काफी मदद की है। सभी ऐशोआराम की चीजें उन्हें घर बैठे हासिल हो जाती है। उन्हें उठकर कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
       जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां। अपनी आरामदायक जीवनशैली को बदलने के लिए कुछ संकल्प लें। यहां 15 आसान हेल्थ टिप्स दिये जा रहें हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी फिगर को मेंटन तो कर ही सकती हैं। साथ ही इन्हें अपनाकर आप दिन भर तरोताजा भी महसूस करेंगीं।
1.प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है।
2.ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
3.अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें।
4.ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो।
5.तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज करें यह बहुत से बीमारियों की जड़ होती है।
6.डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। जैसे कि चीज, कॉटेज चीज, दूध और क्रीम का लो फैट प्रोडक्ट आदि।
7.यदि खाना ही है तो, मक्खन ,फैट फ्री चीज और मोयोनीज का लो फैट उत्पाद प्रयोग में लाऐं।
8.तनाव हमारी जिंदगी में काफी निगेटिव असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव कम करने के लिए सकारात्मक विचार बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
9.तनाव कम करने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा ऐसे काम करें, जिसे करने में आपको मन लगता हो।
10.तनाव कम करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।
11.गुस्सा तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए गुस्सा आने पर स्वंय को शांत करने के लिए एक से दस तक गिनती गिनें।
12.उन लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो आपके तनाव को बढ़ाते हों।
13.धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर और उम्र पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही फेफड़ों का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।
14.धूम्रपान में कमी लाने के लिए उसकी तलब लगने पर सौंफ आदि का सेवन करें।
15.मार्केट में भी आजकल बहुत से प्रोडक्ट मिलने लगे हैं जो धूम्रपान की तलब को कम करते हैं।

Tuesday, 29 November 2016

सोते समय पेशाब करने की बीमारी से बचने के घरेलू उपाए, जरुर पढ़े, शेयर भी करे

सोते समय पेशाब करने की बीमारी से बचने के घरेलू उपाए, जरुर पढ़े, शेयर भी करे
बिस्तर पर पेशाब करना :
       बच्चे दिन भर हर समय कुछ न कुछ खाते रहते हैं। बार -बार कुछ खाने से बच्चों की पाचन क्रिया खराब हो जाती है। कुछ बच्चे ज्यादा ठंडे पदार्थ खाते हैं तो कुछ बच्चे ज्यादा गरिष्ठ या भारी खाने वाले पदार्थो का सेवन करते हैं। गरिष्ठ या भारी भोजन बहुत देर में पचता है। गरिष्ठ या भारी भोजन खाने वाले बच्चे रात में सोते समय ज्यादा पेशाब करते हैं। कुछ बच्चे दिन में ज्यादा समय खेलते -कूदते रहते हैं जिसकी वजह से बच्चे बुरी तरह से थक जाते हैं। ऐसे बच्चों को ज्यादा भूख लगती है और वह खाते ही सो जाते हैं। थकावट की वजह से बच्चे रात को सोते हुए बार -बार पेशाब करते हैं। कुछ मां- बाप काम की वजह से बच्चों को खाना देर से खिलाते हैं और फिर बच्चे खाना खाते ही बिस्तर पर चले जाते हैं और सो जाते हैं। इसलिए वह बच्चे रात को बिस्तर पर पेशाब जरूर करते है। कई अनुभवियों के अनुसार स्नायु विकृति के कारण बच्चे रात को सोते हुये बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। पेट में कीड़े होने पर भी बच्चे सोते हुए बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। स्नायु विकृति में शरीर में बहुत ज्यादा उत्तेजना होती है। ऐसे में बच्चा सोते हुए पेशाब करने पर काबू नहीं कर पाता और पेशाब कर देता है। पेशाब की नली में रोग के कारण भी बच्चा सोते हुए पेशाब कर देता है। रात को सोते समय बच्चे का बिस्तर में पेशाब करने का रोग समाप्त करने के लिये कोई भी औषधि देने से पहले माता- पिता को बच्चे के भोजन की कुछ आदते सुधारनी जरूरी हैं। बच्चे को सोने से 1 घंटा पहले भोजन करा देना चाहिए। बच्चे को सोने के बाद उसे जगाकर कुछ भी खाने और पीने को नहीं देना चाहिए। बच्चे को बिस्तर पर जाने से पहले एक बार पेशाब जरूर करा देना चाहिए।
बिस्तर पर पेशाब करने से रोकने के घरेलु उपाय :- 
  • जामुन की गुठली को पीसकर चूर्ण बना लो। इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा पानी के साथ देने से लाभ होता है।
  • रात को सोते समय प्रतिदिन छुहारे खिलाओ।
  • 200 ग्राम गुड़ में 100 ग्राम काले तिल एवं 50 ग्राम अजवायन मिलाकर 10-10 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार चबाकर खाने से लाभ होता है।
  • रात्रि को सोते समय दो अखरोट की गिरी एवं 20 किशमिश 15-20 दिन तक निरन्तर देने से लाभ होता है।
  • सोने से पूर्व शहद का सेवन करने से लाभ होता है। रात को भोजन के बाद दो चम्मच शहद आधे कप पानी में मिलाकर पिलाना चाहिए। यदि बच्चे की आयु छः वर्ष हो तो शहद एक चम्मच देना चाहिए। इस प्रयोग से मूत्राशय की मूत्र रोकने की शक्ति बढ़ती है।
  • पेट में कृमि होने पर भी बालक शय्या पर मूत्र कर सकता है। इसलिए पेट के कृमि का इलाज करायें।
  • तिल और गुड़ को एक साथ मिलाकर बच्चे को खिलाने से बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करने का रोग समाप्त हो जाता है। तिल और गुड़ के साथ अजवायन का चूर्ण मिलाकर खिलाने से भी लाभ होता है।
  • लगभग 10 -10 ग्राम आंवला और काला जीरा लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में इतनी ही मिश्री पीसकर मिला लें। यह 2 – 2 ग्राम चूर्ण रोजाना पानी के साथ खाने से बच्चे का बिस्तर में पेशाब करना बंद हो जाता है।
  • आंवले को बहुत अच्छी तरह से बारीक पीसकर कपड़े में छानकर चूर्ण बना लें। यह 3 – 3 ग्राम चूर्ण रोजाना शहद में मिलाकर बच्चों को सुबह -शाम चटाने से बच्चे बिस्तर में पेशाब करना बंद कर देते हैं।
  • रोजाना 5 मुनक्का खाने से बच्चे का बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर होता है।